उदारीकरण के दलदल में लोकतंत्र का चौथा खम्भा (मीडिया ) कितना सुरक्षित..?

Posted: May 1, 2011 in Children and Child Rights, Education, Geopolitics, Politics, Uncategorized, Youths and Nation

इसके लेख के पूर्व मै बताना चाहूँगा  “मेरा टीवी से कोई खास वास्ता नहीं है.. ये क्या परोस रहे हैं आपको देखना और तय करना है.” मेरे यह तथ्य राष्ट्रीय चिंतन के सन्दर्भ में हैं और मीडिया के किसी भी व्यक्ति से मेरा व्यक्तिगत दुर्भाव नहीं है.. 

एक समय होता था जब मीडिया भारतीय लोकतन्त्र की मानसिक गतिशीलता का प्रतीक हुआ करता था. अखबार में कुछ छपता था तो लोगों की प्रतिक्रिया जमीन तक दिखाई पड़ती थी. आज तो राष्ट्रवादियों का दायरा सिर्फ सिर्फ सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ही दिखाई पड़ता है.आज तो देश का मीडिया समुदाय स्वयं ही उदारीकरण के चंगुल में छटपटा रहा है. यदि इस पूरे लोकतंत्र का विवेचन व्यवस्थापरक दृष्टिकोण से किया जाये तो भारतीय लोकतंत्र को इस विपन्न परिस्थिति में पहुँचाने का श्रेय सिर्फ और सिर्फ उसी विश्व राजनीतिक लालचियों को मिलेगा जिनकी धनलिप्सा में हमारे भारत में उनके मोहरों के रूप में उद्योग समूह और पालतू आज्ञाकारी राजनीतिज्ञ कर रहे हैं. षड्यंत्रों का ये सम्पूर्ण विश्व राजनीतिक तंत्र इस देश की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था पर इस कदर हावी हो चुका है कि उस उदारवादी व्यवस्था के किसी भी रूप को परिणति तक पहुँचाने के लिए आज देश को वास्तविक नेतृत्व और विकास कि अभिदृष्टि विहीन कर दिया है. गुणवत्ता से समझौता करने की वजह से ही नारी शसक्तीकरण, विकास और राष्ट्रवाद तक की परिभाषा भी बदली है और देश रसातल में पहुंचा है. ऐसे में कौन किसकी गुलेल का पत्थर बना पहचान पाना लगभग नामुमकिन प्रतीत होता है.


आइये देखते है की मीडिया की इस दयनीय स्थिति की वजह के आधार स्तम्भ क्या हैं और कौन हैं ?


NDTV: देश के सबसे चर्चित दृश्य संचार माध्यमों में से एक.  इसाई सामुदायिक संगठन ( Gospels of Charity ) से आर्थिक सहायता प्राप्त, यह सामुदायिक संगठन स्पेन में साम्यवादी व्यवस्था (Communism) का समर्थन करता है.

हाल ही में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने सिर्फ इसी  चैनल को पाकिस्तान में समाचार सेवा के प्रसारण के अधिकार दिए हैं. शायद इसीलिए  पाकिस्तान के लिए  विशेष हमदर्दी रखना इस चैनल की व्यापारिक और सामरिक जरुरत है.. इसके भारतीय मुख्य  कार्याधिकारी प्रणय रॉय भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश करात के सम्बन्धी हैं.

India Today ; विगत वर्षों में  भाजपा का समर्थन करने वाली एक इस एक  मात्र साप्ताहिक पत्रिका का  NDTV समूह ने अधिग्रहण किया है  !! शायद तभी से यह पत्रिका आश्चर्यजनक रूप से मुखर हिन्दू विरोधी बन के उभरी है..

CNN-IBN:  Southern Baptist Church से १००% वित्तपोषित. इस चर्च की विश्वव्यापी शाखाएं और इसका मुख्यालय संयुक्त राज्य अमेरिका में है. … यह चर्च इस चैनल के प्रोत्साहन में प्रतिवर्ष 800. मिलियन डालर खर्च करता है.भारतीय उपमहाद्वीप में इसके करता-धर्ता राजदीप सरदेसाई और सागरिका घोष हैं..

Times Of India, Mid-Day, Nav-Bharth Times, Stardust, Femina, Vijay Times,

Vijaya Karnataka, Times now (24- hour news channel) and many more…

टाइम्स समूह के मालिकाना हक बेनेट एंड कोलमैन समूह के पास हैं. .बेनेट एंड कोलमैन समूह की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी विश्व इसाई परिषद् ( ‘World Christian Council) की है. बाकी के 20 प्रतिशत हिस्सेदारी  बराबरी से  इटालियन (Italian) और इंग्लिशमेन (Englishman) की है. इटालियन (Italian) रोबर्टो मिन्डो (Robertio Mindo )सोनिया गाँधी के बहुत करीबी माने जाते हैं.

Star TV: यह समूह एक आस्ट्रेलियन कैरी पैकर द्वारा संचालित है जिसे  (St. Peters Pontifical Church Melbourne.) का वरदहस्त प्राप्त है..

Hindustan Times: अधिकारिक रूप से बिडला समूह द्वारा स्वामित्व प्राप्त.. श्रीमती शोभना भारतीय के नेतृत्व में यह कांग्रेस का मुख पत्र बना.वर्तमान में टाइम्स समूह के साथ सामरिक साझेदार..

The Hindu: 125 वर्षों के इतिहास में सर्वाधिक सम्मानित अंग्रेजी दैनिक , हालिया वर्षों में जोशुआ सोसाइटी  ( Joshua Society, Berne , Switzerland .) ने इसका अधिग्रहण किया..इसके एडिटर-इन-चीफ एन. राम की धर्मपत्नी एक स्विस नागरिक हैं. .

Asian Age and Deccan Chronicle: एडिटर-इन-चीफ एन जे अकबर के स्वामित्व वाले इन दैनिक समाचार पत्रों का स्वामित्व साउदी अरब की एक कम्पनी रखती है.

Tehelka.com : तरुण तेजपाल के नेतृत्व वाली  इस पत्रिका के साउदी अरब के कार्पोरेट घरानों से सम्बन्ध संदेह के घेरों में हैं..

क्या भारतीय लोकतंत्र का चौथा खम्भा वैश्वीकरण और उदारीकरण के दलदल में सुरक्षित है? क्या आपको  आँख बंद करके भरोसा करना चाहिए? 

आशा है मीडिया के मेरे मित्रगण इसे उचित सन्दर्भों में लेंगे. 

सादर


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Comments
  1. NAVEEN CHANDRA GUPTA says:

    सिर्फ ये ही ऩही अपितु तमाम ऐसे भारतीय चैनल भी प्रतिस्पर्द्धा में अपने उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली से भटक चुके हैं
    जबकि सब जानते हैं कि पत्रकारिता ही नवयुग निर्माण की नींव है

  2. RAMESHWAR ARYA says:


    list=UL

    YE VIDEO PM KO DE DI HAI AUR LIKH DIYA AB TO LAAL KILE PE MARDANI BHASHA BOLO JAI HIND AB POORE BHARAT KI MAANG HAI KI VIDESHON ME JAMA KALE DHAN KO NATIONAL WEALTH GHOSHIT KIYA JAYE P.M SAAB AB AUR NAHI TAKE ACTION PAKISTAN NE BHI LE LIYA AB LAAL KILE PE MARDAANI BHASHA BOLO JAI HIND

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