क्या है मेरठ कमेले का झमेला??

Posted: November 2, 2011 in Children and Child Rights, Education, Politics, Uncategorized, Youths and Nation

मेरठ : क्या है मेरठ कमेले का झमेला.. मुख्यमंत्री मायावती ने कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी से यह सवाल किया। मंत्री ने उन्हें प्रकरण की जानकारी दी, तो मुख्यमंत्री ने पूछा कि आखिर ऐसा कौन सा कारण है कि मेरठ हापुड़ रोड पर बंद पड़े कमेले में अवैध कटान व अवैध उगाही पर रोक नहीं लग सकी। उन्होंने अपने कार्यालय के प्रमुख सचिव को इस मामले में नगर विकास, पशुधन विकास व उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से रिकार्ड तलब करने का निर्देश दिया।

बसपा के भरोसेमंद सूत्रों अनुसार, मुख्यमंत्री ने लखनऊ में सोमवार को पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। मेरठ जोन से सांसद मुनकाद अली, को-ऑर्डिनेटर गोरे लाल जाटव व मंडल को-ऑर्डिनेटर मुकेश जाटव भी इस बैठक में शामिल हुए। मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री को बताया कि नगर आयुक्त ने घोसीपुर में कमेला शिफ्ट होने तक हापुड़ रोड स्थित कमेले पर 350 पशुओं के कटान की अनुमति हाजी याकूब कुरैशी के पुत्र को दी है, वह भी तब जब स्वयं नगर आयुक्त उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश के अनुपालन में 22 मार्च व पुन: 14 अक्टूबर को इस कमेले को बंद करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर चुके हैं। स्वयं उन्होंने इस बाबत दो बार हुई समीक्षा बैठक में भी जानकारी दी है। ऐसे में हाजी याकूब कुरैशी के पुत्र के साथ नगर निगम द्वारा किया गया यह एग्रीमेंट उनकी समझ में नहीं आ रहा है। नगर में मांस आपूर्ति हेतु रोज नियमानुसार 350 पशुओं का कटान हो, पर यह कटान अग्रिम व्यवस्था होने तक नगर निगम भी अपने स्तर से करा सकता है, पर निगम की ओर से ऐसी कोई पहल नहीं की गई। वैसे भी 14 अगस्त तक हाजी याकूब के पुत्र को घोसीपुर में कमेला शिफ्ट करना था। यह अवधि बीत चुकी है। ऐसे में ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय निगम ने उन्हें संरक्षण दे दिया है।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रमुख सचिव की रिपोर्ट आने पर इस मामले में कार्रवाई होगी। सांसद मुनकाद अली से इस बाबत बातचीत हुई, तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। इतना जरूर कहा कि कमेले का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दी ने रखा है।

महापौर ने मांगा नगरायुक्त से जवाब

मेरठ : हापुड़ रोड स्थित कमेले को पुन: शुरू करने संबंधी एग्रीमेंट को लेकर महापौर मधु गुर्जर ने नगर आयुक्त से जवाब मांगा है। उन्होंने उन्हें एक पत्र भेजकर कहा है कि 30 दिसंबर 2008 को नगर निगम बोर्ड बैठक में हापुड़ रोड स्थित कमेले का ठेका निरस्त करते हुए ठेकेदार हाजी याकूब के बेटे इमरान को काली सूची में डाल दिया गया था। तब से आज तक कोई ठेका नहीं छोड़ा गया है। ऐसे में नगर आयुक्त से पूछा गया है कि बोर्ड की बैठक के बाद क्या कमेले का ठेका छोड़ा गया। यदि हा, तो किसके आदेश पर यह कार्रवाई की गई। ठेका छोड़ते वक्त नगर नियमावली का पालन किया गया या नहीं आदि पर उन्होंने जानकारी मांगी है।

Courtesy: Dainik Jagran Meerut via Yahoo..

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_8427037.html

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