1945 को विमान दुर्घटना में नेता जी की मृत्यु नहीं हुई??

Posted: November 13, 2011 in Children and Child Rights, Education, Geopolitics, Politics, Uncategorized, Youths and Nation

1 आजाद हिन्द फौज के सर्वोच्च अधिकारी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस सन् 1999 तक राष्ट्र सघ के यु़द्ध अपराधी क्यों घोषित किये गये? यदि 1945 में मर चुके थे तो उसके बाद 1999 तक  युद्ध अपराधी मानना अपने आप में षक पैदा करता है।
2 सन् 1947 के आजादी के समझोते के गुप्त दस्तावेज तथा फाईल आई एन ए  नं. 10 पेज नं. 279 को अध्ययन करने से पता चलता है कि 18 अगस्त 1945 को विमान दुर्घटना में नेता जी की मृत्यु नहीं हुई।
3 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की कथित मृत्यु की घोषणा के उपरान्त नेहरु जी ने सन् 1956 में शाहनवाज कमेटी तथा इन्दिरा गांधी ने 1970 में खोसला आयोग द्वारा जांच करवाई तथा दोनों रिर्पोटों में नेताजी को मृत घोषित किया गया, लेकिन 1978 में मोरारजी देसाई ने इन रिर्पोटों को रद्द कर दिया। तथा राजग सरकार ने भी मुखर्जी आयोग की स्थापना कर पुनः इस प्रष्न का उत्तर तलाषने का प्रयास किया था। लेकिन मुखर्जी आयोग द्वारा जांच रिपोर्ट को वर्तमान कांग्रेस सरकार ने मानने से ही इंकार कर दिया। इस जांच रिपोर्ट में जापान सरकार द्वारा जापान में 18 अगस्त 1945 को कोई दुर्घटना होने की बात को सिरे से खारिज करना इस सन्देह को सच्चाई में बदलता है कि नेताजी की मृत्यु 18 अगस्त 1945 को नहीं हुई।
4 सन् 1948 में विजय लक्ष्मी राजदूत ने रुस से वापिस आकर मुम्बई शा न्ताक्रुज़ हवाई अड्ड़े से उतरते ही पत्रकारों के सामने कहा कि मैं भारत की जनता को ऐसा शुभ समाचार देना चाहती हूँ   जो भारत की स्वतन्त्रता से बढ़कर ख़ुशी का समाचार होगा परन्तु नेहरु जी ने इस समाचार को जनता तथा पत्रकारों को देने से इन्कार कर दिया क्योंकि वह समाचार नेताजी से रुस में मुलाकात होने का संदेष था।
5 भारतीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 4 अगस्त 1997 को दिये गये निर्णय के अनुसार ‘नेताजी के नाम के साथ मरणोपरान्त षब्द रद्द किया जाता है।’ क्या यह सिद्ध  नहीं होता कि नेताजी की मृत्यु नहीं हुई ।
6 सेना मुख्याल्य द्वारा आयोजित 1971 की लड़ाई का विजय दिवस का सीधा प्रसारण 16 दिसम्बर 1997 को दिल्ली दूरदर्षन पर सांय 5-47 बजे से लेकर 7-00 बजे तक किया गया जिसमें बताया गया कि 8 दिसम्बर 1971 को भारतीय सेना और मुक्ति वाहिनी सेना की कमान एक बाबा संभाले हुये थे। दो दो सेनाओं की कमान सम्भालने वाला आखिर यह बाबा कौन था। सरकार इस बाबा का रहस्योदघाटन करे।
7 28 मई 1964 को प्रधानमन्त्री जवाहर लाल नेहरु की मृत्यु पर बनी सरकारी डाक्यूमैन्टरी फिल्म के लास्ट चैप्टर की फिल्म नं. 816 बी जिसमें साधु के वेष में नेता जी दिखाई दे रहे हैं।
                        नेहरुजी की मृत्यु पर शव के पास साधु के वेश  में खडे नेताजी
8 नेताजी की तथाकथित मृत्यु 18.08.1945 के बाद मंचुरिया रेड़ियो स्टेशन से 19.12.1945, 19.01.1946, 19.02.1946 को नेता जी द्वारा राष्ट्र के नाम दिये गये सन्देश  क्या यह साबित नहीं करते हैं कि नेताजी की मृत्यु का समाचार गलत है।
साभार :

धनञ्जय सिंह राजपूत “प्रकृतिवादी”
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