7 फ़रवरी 2012 के लिए पूर्वसूचना

Posted: February 4, 2012 in Children and Child Rights, Education, Geopolitics, Politics, Uncategorized, Youths and Nation

“गंगा सेवा संकल्प” के रूप में “अविरल और निर्मल गंगा” के लिए  सभ्य नागरिक समाज के योगदान से  स्थानीय प्रशासन के सशक्तिकरण और विषय विशेषज्ञों के निरंतर जन संवाद से जनमत और गंगा सेवा की लोकतान्त्रिक  अवधारणा डॉक्टर ओंकार मित्तल, अटल बिहारी शर्मा और दीपक भाई की एक महत्वपूर्ण पहल है.

”गँगा सेवा संकल्प-कानपुर” की और से ७ फरवरी को 2012 को दोपहर २ बजे से शाम ४ बजे तक गँगा को अविरल और निर्मल बनाने तथा पानी और नदी के मुद्दों पर काम कर रहे एनजीओ और नागरिक समाज तथा डा. डॉन ब्लैकमोर, (पूर्व मुख्य कार्यकारी, मुरे -डार्लिंग नदी बेसिन आयोग, ऑस्ट्रेलिया) के साथ परस्पर संवाद का आयोजन किया है .

इस संवाद का उद्देश्य दुनिया के अन्य हिस्सों में हुए नदी घाटी विकास और स्वचछता के लिये हुए प्रयासों को , राष्ट्रिये गँगा नदी घाटी प्राधिकरण के अविरल गँगा निर्मल गँगा के घोष के सन्दर्भ में समझ बनाना है .

गँगा सेवा संकल्प –कानपुर के संयोजक श्री दीपक मालवीय ने बताया कि डॉ. डॉन ब्लैकमोर को पानी और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में 40 से अधिक वर्षों का अनुभव है. वे 2004 तक आस्ट्रलिया कि मुर्रे-डार्लिंग नदी बेसिन आयोग के 15 साल के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहें हैं.उन्होंने हाल ही में नील, सिंधु, मेकांग और गंगा नदियों पर काम किया है. वे बांधों पर विश्व आयोग में आयुक्त भी रहें हैं. डॉ डॉन वर्तमान में “राष्ट्रमंडल वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठन (CSIRO) ऑस्ट्रेलिया’ के सलाहकार परिषद के अध्यक्ष हैं तथा “एक स्वस्थ देश के लिए जल” कार्यक्रम देखते हैं.
अपने देश में ३ साल पहले गँगा नदी को अविरल और निर्मल बनाने के लिये राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण का गठन किया गया था. देश के ७ बड़े प्रोद्योगिक संस्थानों के समूह को इस विषय पर तकनिकी ज्ञान और सलाह की जिम्मेदारी सौपी गई है . जिन्हें नागरिक समाज के साथ सार्थक संवाद कि जिम्मेदारी भी सौपी गई है . गत ३ सालों में गँगा को निर्मल और अविरल बनाने कि दिशा में कोई खास प्रगति हुई हो ऐसा दिखाई नही देता. राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण में नागरिक समाज का प्रतिनिधित्व कर रहें सदस्य भी अपने सुझावों कि अनदेखी किये जाने से व्यथित है.
श्री दीपक ने बताया कि नागरिक समाज को सतर्क रहने कि आवश्यकता है कंही ऐसा ना हो कि गँगा स्वचछता अभियान के नाम पर गँगा जल का व्यापारीकरण हो जाये और जल सम्पदा और प्राकृतिक संसाधनों को निजीकरण और वितीय भागीदारी के नाम पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों को सौप दिया जाये.
डॉ. ब्लैकमोर ८ फरवरी को आई. आई. टी. कानपुर के विशेषज्ञों से भी बातचित करेंगे.
श्री दीपक मालवीय ने बताया कि ”गँगा सेवा संकल्प” का दृढ विश्वास है कि गँगा स्वच्छता का कोई भी प्रयास ,गँगा किनारे के निवासियों के सक्रीय सहभाग से ही संभव है .
इसी उदेश्य को धयान में रखते हुए “गँगा सेवा संकल्प-कानपुर” का गठन किया गया है. हमारा प्रयास है कि गँगा से जुड़े विषयों पर कार्यरत जागरूक नागरिकों और संघठनो को एक मंच पर लाया जाये ,जंहा वे अपने मुद्दों को विचार विमर्श कर मुखर कर सके और अपनी आवाज को भारत सरकार और राष्ट्रिये गँगा नदी घाटी प्राधिकरण के समक्ष प्रभावी ढंग से रख सके.

दीपक मालवीय

दीपक मालवीय “लोक सेवक मंडल” (Servants of the Seople Society ) के लोक समर्पित आजीवन  कार्यकर्ता हैं. यह नगर का गौरव है कि कानपूर नगर के युवा साथी लोकसेवक मंडल की चुनिन्दा आजीवन सदस्यों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य होकर राष्ट्रनिर्माण में महती भूमिका निभा रहे हैं. आजीवन सदस्यता का मानक लाला लाजपत राय की देन है जिसमे उनका विचार था की राष्ट्र के लिए आजीवन समर्पित सदस्यों की राष्ट्र निर्माण में बहुत बड़ी जरुरत है. लोकसेवक मंडल आज़ादी की लड़ाई में लाला लाजपत राय की प्रेरणा एवं प्रयासों की परिणति थी. आज़ादी से  पूर्व और आज़ादी के इतने वर्षों में  राष्ट्रनिर्माण में लोकसेवक मंडल की जीवंत प्रतिबद्धता इसी प्रकार की दूसरी संस्थाओं के लिए आज एक मिसाल है. लोकसेवक मंडल के साथ जुड़े जन- आंदोलनों और नेतृत्व की एक झलक  इसके साथ जुड़े  पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, पूर्व उपराष्ट्रपति कृष्णकांत जैसे  समर्पित आजीवन सदस्यों,    कानपूर के वरिष्ठ समाजसेवी भद्र जनों की समझ सूझबूझ और दूरदर्शिता और उनके  राष्ट्र के प्रति समग्र चिंतन से ही मिल जाती है. कानपूर के स्थानीय परिसर के सन्दर्भ में बस इतना कहना ही काफी है कि कानपूर में खलासी लाइन स्थित यह परिसर आज़ादी से पूर्व स्वयं लाला लाजपत राय, गणेश शंकर विद्यार्थी जैसी महा विभूतियों और सैकड़ों क्रांतिकारियों की कर्मभूमि रहा है. वर्तमान सन्दर्भों में   मेधा पाटेकर, जलपुरुष राजेंद्र सिंह, बनवारी लाल शर्मा (आज़ादी बचाओ आन्दोलन)  जैसे चिंतकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मेजबान भी रहा है.
दीपक मालवीय, संयोजक
फोन ९३८९३५०३८८
स्थान: हरिहरनाथ शास्त्री भवन”,१०/४२५,खलाशी लाईन. कानपुर
दिनांक : ७ फरवरी २०१२
समय : दोपहर २ बजे से शाम ४ बजे तक

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s