यशवंत मामले मे सच आया सामने : विनोद कापडी ने माना नही मांगी थी रंगदारी

Posted: July 4, 2012 in Politics, Youths and Nation



गलत मुकदमा दर्ज करवाने के दोषी हैं नोएडा एस एस पी प्रवीण कुमार

यशवंत के उपर इंडिया टीवी के प्रबंध संपादक विनोद कापरी से रंगदारी मांगने का मुकदमा चल रहा है । इस मुकदमे का सबसे अहमं पहलू है कानून की वो धारा जो यशवंत के उपर पुलिस ने लगाया है । एक धारा रंग्दारी मागने की लगाई गई है । धारा ३८६ ,इस धारा के अन्तर्गत यह प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति किसी को जान मारने का भय दिखाकर रंगदारी मागता है तो उसके खिलाफ़ धारा ३८६ के तहत कार्रवाई होगी ।  जो मुकदना यशवंत के उपर हुआ है उसके अनुसार जान मारने की धमकी देने का कोई आरोप नही है । अभीतक मुकदमा करने वाले विनोद कापरी का कोई बयान नही आया था । लेकिन सी न्यूज के मुकेश चौरसिया ने विनोद कापरी का इन्टरव्य़ू लिया है । इस इन्टरव्यूव में विनोद कापरी ने साफ़ स्वीकार किया है कि यशवंत से उनकी भेट भी नही हुई । जो कुछ भी हुआ वह एस एम एस और फ़ोन काल के माध्यम से हुआ है । फ़ोन पर भी रुपया मांगने के संबंध में कोई चर्चा नही हुई है । इन्टरव्यूव से यह भी खुलासा होता है कि मुकदमे में प्रवीण कुमार एस एस पी नोएडा ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए यशवंत को गिरफ़्तार करवाया । इस पूरे प्रकरण में जो कुछ उभर कर आया है उससे साफ़ जाहिर है कि यशवंत के उपर गलत धारा के तहत मुकदमा किया गया है ताकि अपराध को गैरजमानतीय बनाया जा सके । दुखद पहलू यह है कि एस एस पी प्रवीण कुमार का कर्‍त्य अपराधिक है । जब मुकदमा करने वाला यह साफ़ स्वीकार कर रहा है कि यशवंत से आमने सामने कोई बात नही हुई और न यशवंत ने उसे जान मारने की धमकी देकर रंगदारी मांगी । अब यह एस एस पी प्रवीण कुमार हीं बता सकते है कि गलत धारा के तहत मुकदमा करने का कारण क्या था और क्या यह एक अपराधिक कर्‍त्य नही है ।
सभी तथ्यों को देखने के बाद यही निष्कर्ष निकलता है कि विनोद कापरी अभी भी बहुत कुछ छुपा रहे हैम । एक तरफ़ वह कहते हैं कि वे यशवंत को जानते नहीं , वही दुसरी तरफ़ उनका कहना है कि पैसा मांगने का मतलब ब्लैकमेल करना था । इंडिया टीवी जैसे चैनल के प्रबंध संपादक कापरी को इतना ग्यान होना चाहिए कि ब्लैक मेल का अर्थ होता है किसी के पाप या अपराध को उजागर करने की धमकी देते हुए पैसे की मांग करना ।विनोद कापरी अब यह बताएं कि उनके कौन से अपराध या पाप को उजागर करने का भय दिखाक्रर यशवंत सिंह ने एस एम एस के माध्यम से रंगदारी मांगी  वेब मीडिया इस पुरे प्रकरण में यशवंत के साथ है ।  पुरे देश को ब्लैकमेल करने वाले टीवी चैनलों के पास तो नैतिक अधिकार भी नही है वेब मीडिया के लोगों से आंख मिलाकर बात करने का , हां एस एस पी प्रवीण कुमार जैसे गलत अधिकारी के साथ तालमेल बैठाकर या राजनीतिक दबाव बनाकर भले हीं ये लोग गलत धाराओ के तहत मुकदमा दर्ज करा दें । मुकदमे मे विनोद कापरी ने यह लिखा है कि यशवंत तथा अन्य एक और आदमी ने उन्हे घेरकर पैसा मांगा जिसका प्रतिवाद खुद विनोद कापरी  ।
. इसी सिलसिले में ‘सी न्यूज़’ के संवाददाता मुकेश चौरसिया ने इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर विनोद कापड़ी से बातचीत कर पूरे मामले को जानने की कोशिश की. उसी बातचीत को हम यहाँ पेश कर रहे हैं   ताकि मामले को समझने में और आसानी हो.

इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर विनोद कापड़ी से मुकेश चौरसिया की बातचीत
पूरा मामला क्या था जिसके लिए आपने पुलिस से शिकायत की?
जवाब – 29-30 जून की रात को करीब दो बजे रात के आसपास मेरे मोबाइल पर भड़ास फॉर मीडिया के मालिक यशवंत सिंह के फोन आने शुरू होने लगे….पांच छः बार इन्होने फोन किया मै उस वक़्त सो रहा था मैंने उसके कॉल को रिसीव नही किया, मैंने जब देखा तो उसके 5-6 कॉल थे मैंने उस वक़्त उसका जवाब देना उचित नही समझा. उसके बाद उन्होंने मेरी पत्नी के मोबाइल पर कॉल करना शुरू किया, जब उन्होंने भी फोन नही उठाया तो उसने उनके मोबाइल पर एसएम्एस करना शुरू किया जैसे पहले मैसेज किया हेल्लो मैडम गुड मोर्निंग हाउ आर यू जी….ये सब बड़ा अजीब सा था कि जिसको आप जानते नही हो वो आपको रात के दो बजे फोन कर रहा है एसएम्एस कर रहा है और आपके पत्नी को (एक महिला) को मैसेज कर रहा है….. मेरी पत्नी ने उसका जवाब लिखते हुए मैसेज किया की हुज़ दिस उसने (यशवंत ने) उसका जवाब लिखा की मी यशवन्त…. यशवंत भड़ास….मेरी पत्नी ने दुबारा उनको मैसेज किया की आपको इतनी सेन्स नही है की आप दो बजे रात को किसी महिला को कॉल कर रहे है एसएम्एस कर रहे है . इसका जवाब देते हुए यशवंत ने लिखा हा मै नॉनसेन्स हूँ. हा हा मै नॉनसेन्स हूँ ….मुझे ये मामला बहुत गंभीर लगा तो दूसरे दिन मैंने पुलिस से बात किया जब मै पुलिस से बात कर रहा था तभी यशवंत का एक मैसेज मेरे पास आया कि कल रात को मै आपको और मैडम को फोन कर रहा था मुझे बीस हज़ार रुपये चाहिए थे लेकिन आपकी पत्नी (उसने बहुत व्यंग्य के साथ लिखा कि माता जी नाराज़ हो गयी) नाराज़ हो गयी मुझे बीस हज़ार रुपये चाहिए क्योंकि मैं एक फ्लैट ले रहा हूँ. उसमें मुझे बीस हज़ार रुपये कम पड़ रहे हैं ……ये बहुत ही हैरान कर देने वाली बात थी कि जिसको आप ठीक से जानते नहीं हो जिसके साथ आपका उठना -बैठना नही है, वह आपको दो बजे रात को फोन कर रहा है और अगले दिन एसएम्एस करे की मुझे बीस हज़ार रुपये चाहिए आप दीजिये उसने लिखा की उसे उधार चाहिए लेकिन जिसको आप जानते नही उससे उधार मांग रहे है रात को दो बजे दस बार कॉल कर रहे है एसएम्एस कर रहे है ये कोई तरीका नही है इसलिए पुलिस मे मैंने इसकी शिकायत की….
ऐसा कहा जाता रहा है की यशवंत अपने वेबसाईट के जरिये बहुत सरे चैनलों से पैसे की उगाही करते थे. इसपर आपका क्या कहना है ? 
जवाब – ये मैंने भी सुना है की यशवंत पैसों की उगाही करता है ये मैंने भी सुना है…..लेकिन आजतक मेरे पास इसका कोई सबूत नही आया है और न ही इससे पहले उसने मुझसे कभी ऐसी बात की थी….ये पहला मौका था जब इन्होने दो बजे रात को मुझे और मेरी पत्नी को फोन और एसएम्एस किया…..आप अपनी वेबसाइट में कुछ भी लिखिए आप पत्रकार है आप स्वतंत्र है इनकी वेबसाइट की भाषा जो लोग मुझे बताते है की जिस भाषा मे वो लिखते है आप कुछ भी लिखिए मुझे उसमे कोई आपत्ति नही है लेकिन आपत्ति ये है की आप मेरे व्यक्तिगत जीवन मे आकर आपने मुझे और मेरी पत्नी को दो बजे फोन कर रहे है एसएम्एस कर रहे है ये स्वीकार्य नही होगा…..उसके बाद आपकी इतनी हिम्मत की आप दूसरे दिन मुझे मैसेज कर रहे है की आपको बीस हज़ार रुपये चाहिए…..कही न कही मुझे लगा की उन्होंने मुझे जो फोन किया वो उसी कड़ी का हिस्सा था जो इनके बारे मे कहा जाता है की ये ब्लैकमेलिंग करते है और उगाही करते है और जो बीस हज़ार रुपये मांगे इन्होने उधार के तौर पर ही सही लेकिन आप बीस हज़ार रुपये क्यों मांग रहे है किस आधार पर मांग रहे है हमारा आपका रिश्ता क्या है……हम आपको बीस हज़ार रुपये दे देंगे लेकिन रात को दो बजे फोन करके लगातार बीस बार उसके बाद कहिये की बीस हज़ार रुपये चाहिए इनके पीछे मंशा ठीक नही लग रही….
  यशवंत को आप कब से और कितना जानते है…? 
मै यशवंत को बिलकुल नही जनता बल्कि यशवंत की जो एक कहानी है मुझे लगता है कि सबको पता लगना चाहिए इसके बारे मे… यशवंत आज से पांच साल पहले जब वे दैनिक जागरण अख़बार मे काम करते थे और मै उस वक़्त स्टार न्यूज़ मे था उन्होंने नौकरी के सम्बन्ध मे मुझसे संपर्क स्थापित किया था जब दो -तीन दिन हो गए उन्हें ऑफिस से कोई कॉल नही गया होगा तो इन्होने रात को डेढ़ बजे शराब के नशे मे मुझे फोन करना शुरू किया…..मैंने इनको समझाया कि ये जॉब के लिए बात करने का कोई वक़्त नही है तो इन्होने रात को फोन पर गालियां देनी शुरू कर दी बहुत गन्दी गालियाँ जिसे मै बयां नही कर सकता जब मैंने इनका कॉल उठाना बंद कर दिया तो इन्होने मुझे एसएम्एस करना शुरू कर दिया……अगले दिन मैंने इनके मालिक दैनिक जागरण के संजय गुप्ता जी को फोन किया और बताया की सर आपका जो रिपोर्टर है वो नौकरी के लिए फोन करता है वो तो ठीक है लेकिन रात के डेढ़ बजे फोन करता है गाली देता है जो बहुत ही अस्वीकार्य है …..मै संजय गुप्ता जी का आभार जताऊंगा की उन्होंने तुरंत करवाई करते हुए एक घंटे के अन्दर उसे नौकरी से निकाल दिया…… यशवंत इस तरह के क्राइम करनेवाले हैबीचुअल पत्रकार है जो रात को शराब पी के किसी को भी फोन करते है गलियां देते है और न जाने क्या क्या करते है….
पुलिस के तरफ से क्या कहा गया क्या करवाई की गयी ?
नॉएडा पुलिस ने काफी अच्छा काम किया जैसे ही हमने शिकायत की उसके दो घंटे के अन्दर नॉएडा के एसएसपी प्रवीण कुमार ने बहुत तत्परता दिखाते हुए एक टीम का गठन किया और यशवंत को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें कोर्ट मे पेश किया गया. (यह बातचीत दो दिन पहले की गयी थी)
साभार : बिहारमीडिया
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Comments
  1. Sudershan Shukla says:

    Seedhi si baat hai SSP ko rangdari chahiye.

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