सरकार से ज्यादा उम्मीदें तो विश्व बैंक से… अफसरशाही की जय हो!!

Posted: March 12, 2013 in Education, Geopolitics, Politics, Youths and Nation

IMG_0136राकेश मिश्र
ग्वालटोली कच्ची बस्ती का नजारा कुछ किसी बड़े नेता के रोड शो रहा जैसा रहा । हजारों की भीड़ में ,फूल बरसाते लोग,सेवा भाव से ओत प्रोत प्रशासनिक अमला,चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और उम्मीदों के बोझ लदी जनता जर्नादन।
वाकया या विश्व बैंक के अध्यक्ष के नगर आगमन का दोपहर एक बजकर तीस मिनट पर हुआ।जैसे ही विश्व बैंक के अध्यक्ष कच्ची बस्ती पहुंचे,वहा पर मौजूद प्रशासनिक अमले में मौजूद नगर प्रशासकों ने जोरदार स्वागत करने के साथ साथ जनता के साथ संवाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । केडीए उपाध्यक्ष जयश्री भोज,मंडलायुक्त शालिनी प्रसाद,नगर आयुक्त एन के सिंह चौहान आगवानी में प्रमुख रूप से शामिल हुए। गौर करने वाली बात यह रही कि विश्व बैंक के अमले के लिए शहर की शीर्षस्थ अफसरशाही ने विशेष तन्मयता का परिचय दिया। कहते है कि जैसे राजा होता हैं वैसे प्रजा भी। बिल्कुल उसी तर्ज पर ही जनता में झलक देखने और माला पहनाने का विशेष आर्कषण देखा गया। जनता जर्नादन के साथ साथ अफसरशाही की उम्मीदें भी विश्व बैंक से ही बनती नजर आती हैं । ये अलग बात है कि दोनों के मायने अलग अलग हैं।
लोगो ंसे जिस बेबाकी के साथ अपनी अपनी समस्याएं विश्व बैंक के अमले के साथ साझा कीं,उससे प्रशासन के माथें पर कुछ बल पड़ता तो अलग बात थीं लेकिन यहा तो मौका संसाधनों की कमी के बहाने भुनाने जैसा नजर आता दिखा। यह अलग बात हैं कि विश्व बैंक और सरकारों में स्थानीय निकायों के लिए कोई खास तवज्जों नहीं देखने को मिल रहा हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि नगर निकायों के पार्षदों की सहभागिता लम्बे अरसे से लगभग नहीं जैसी ही रही हैं।

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Comments
  1. अदभुत जगह के बारे में पता चला

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