भारत की आबरू पर हमला है असम रेप फेस्टिवल!

Posted: November 10, 2013 in Education, Geopolitics, Politics, Youths and Nation

भारत की आबरू पर हमला है असम रेप फेस्टिवल!

नई दिल्‍ली। अमेरिका की एक छोटी सी वेबसाइट ने असम रेप फेस्टिवल नाम के एक काल्‍पनिक महोत्‍सव पर खबर चलाकर दुनिया भर में वाह-वाही बटोरी, लेकिन सच पूछिए तो यह एक मजाकिया खबर नहीं बल्कि भारत की आबरू पर बड़ा हमला था और शर्म की बात यह है कि इस खबर को शेयर करने वाले 1 लाख 20 हजार लोगों में हजारों भारतीय भी शामिल हैं। वो भारतीय जिन्होंने इस खबर का विरोध करने के बजाये चटकारे लेकर पढ़ना ज्‍यादा सही समझा।

भारत का इससे बड़ा अपमान क्‍या हो सकता है कि इस खबर के साथ महाकुंभ की तस्‍वीर लगायी गई है, जिसमें नागा साधु तलवार लेकर गंगा नदी में डुबकी लगाकर निकल रहे हैं। वेबसाइट ने इन नागा साधुओं को बलात्‍कारी के रूप में प्रस्‍तुत किया है और कहा कि कुछ इस तरह मनाया जाता है रेप फेस्टिवल।

सबसे बड़ा सवाल- क्‍या करेगी भारत सरकार?

3 नवम्‍बर को अमेरिका की वेबसाइट नेशनल रिपोर्ट डॉट नेट ने एक खबर प्रकाशित की, जिसका शीर्षक था असम रेप फेस्टिवल। इस खबर में कहा गया कि सदियों से असम में रेप फेस्टिवल मनाया जाता है, जिसमें सैंकड़ों लड़कियों के साथ बलात्‍कार किया जाता है। खबर ने लिखा कि 7 से 16 वर्ष की कुंआरी लड़कियों के पास अभी भी भागने का मौका है। अगर वो भागने में कामयाब नहीं हुईं, तो उनके साथ बलात्‍कार कर दिया जायेगा।

वेबसाइट ने लिखा कि रेप फेस्टिवल एक सप्‍ताह बाद से शुरू होगा, लेकिन लोगों ने अभी से मनाना शुरू कर दिया है। असम के अलावा भारत के अन्य राज्यों का भी नाम लिया गया। इसमें लिखा गया है कि इस फेस्टिवल की शुरुआत 43 बीसी में हुई। तब बालकृष्‍ण तमिलनाडु ने अपने गांव लुधियाना में हरेक का बलात्‍कार किया था। बालकृष्‍ण तमिलनाडु को असम रेप फेस्टिवल में हर साल याद किया जाता है और उनकी पूजा की जाती है। यही नहीं सबसे ज्यादा रेप करने वाले व्‍यक्ति को बालकृष्‍ण के नाम से ट्रॉफी दी जाती है।

खबर में असम का नाम लिये जाने पर देश भर में असम के लोगों ने कड़ा विरोध जताया है। यह खबर पूरी तरह झूठ है और असम का यह फेस्टिवल पूरी तरह काल्‍पनिक। असम के लोगों ने विरोध जताते हुए भारत सरकार से मांग की है कि वो अमेरिकी सरकार से बात करके, वेबसाइट पर प्रतिबंध लगाने की मांग करे। यह वेबसाइट पहले भी इस तरह के लेख छाप चुकी है। तब इसके निशाने पर पंजाब होता था। हालांकि असम पुलिस ने इस संबंध में सीधे वेबसाइट के मालिक से बात करने की बात कही है।

वैसे इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि कहीं न कहीं भारत की कानून व्‍यवस्‍था भी इस बेइज्‍जती के लिये जिम्‍मेदार है। अगर भारत में एक के बाद एक बलात्‍कार के मामले सामने नहीं आ रहे होते, तो शायद अमेरिकी वेबसाइट ऐसा मजाक कतई नहीं कर पाती। लेकिन अफसोस कि कहीं न कहीं हमारी व्‍यवस्‍था और सजाम में घर कर चुकी वह मानसिकता जिम्‍मेदार है, जो दरिंदों को ऐसी घिनौनी वारदातों को अंजाम देने के लिये प्रेरित करती है।

Courtesy : Oneindia Hindi

Advertisements
Comments
  1. Dr. Giriraj Kishore says:

    What the chief minister of Assam is doing? He should immidiatly protest. It is an insult to women folk of Assam as well.Serous complaint to the father country as well.

  2. vivek says:

    Even i have read but i think its written in different sense ,just to highlight Problem of Rapes in India ,
    the way and the frequency of rape case is similar as small festival celebrated in a town .
    So instead of blaming(in which we Indians are best) of something without even understanding it to the core ,please try to understand why it is written . they have written about frequent Shooting (crime) in US so according to author of “भारत की आबरू पर हमला है असम रेप फेस्टिवल!” US gov should attack i have complete trust that Rakesh bhai would not have seen it (भारत की आबरू पर हमला है असम रेप फेस्टिवल!) other wise he would have removed the article

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s